फोसिरॉल पाउडर एक डॉक्टर की पर्ची पर मिलने वाली दवा है, जिसका इस्तेमाल महिलाओं में तीव्र सिस्टिटिस (मूत्राशय में सूजन) जैसे सरल मूत्र मार्ग संक्रमण (यूटीआई) के इलाज के लिए किया जाता है। यह एस्चेरिचिया कोलाई और एंटरोकोकस फ़ेकेलिस जैसे कुछ खास बैक्टीरिया को ख़त्म करने में असरदार है, जो आमतौर पर यूटीआई का कारण बनते हैं।
इसके सैशे में फ़ॉस्फ़ोमाइसिन ट्रोमेथामाइन (3 ग्राम) नाम का एंटीबायोटिक घटक होता है, जो बैक्टीरिया की कोशिका भित्ति बनने से रोककर उन्हें ख़त्म करता है। यह पाउडर के रूप में आता है, जिसे लेने से पहले पानी में घोलना होता है। इसका इस्तेमाल किडनी के अंदर के बैक्टीरिया संक्रमण के इलाज के लिए नहीं किया जाता।
यह आमतौर पर सिर्फ एक बार, एक सैशे की खुराक के रूप में ली जाती है। इसे पानी में घोलकर, खाली पेट और पेशाब करने के तुरंत बाद पीने की सलाह दी जाती है। डॉक्टर आपकी स्थिति के अनुसार दोबारा खुराक लेने की सलाह भी दे सकते हैं, इसलिए डॉक्टर के निर्देशों का ठीक-ठीक पालन करें।
फोसिरॉल पाउडर आमतौर पर सुरक्षित मानी जाती है, लेकिन किडनी की बीमारी वाले और हीमोडायलिसिस करवा रहे मरीज़ों को यह नहीं दी जाती। डॉक्टर को अपनी पुरानी बीमारियों के बारे में ज़रूर बताएं। खुराक लेने के कुछ दिनों बाद भी अगर लक्षण ठीक न हों या बिगड़ जाएं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।






































































