Moxi Eye Drops का उपयोग आंख के बैक्टीरिया के संक्रमण, जैसे बैक्टीरिया से होने वाले कंजंक्टिवाइटिस के इलाज में किया जाता है। इसमें मोक्सीफ्लोक्सासिन होता है, जो फ्लोरोक्विनोलोन वर्ग का एंटीबायोटिक है।
मोक्सीफ्लोक्सासिन बैक्टीरिया को अपना डीएनए दोहराने से रोकता है, जिससे वे बढ़ और फैल नहीं पाते। इन ड्रॉप्स में परिरक्षक के रूप में बेंज़ालकोनियम क्लोराइड भी होता है। इस्तेमाल से पहले हाथ धोएं, सिर को पीछे झुकाएं, निचली पलक को नीचे खींचें और डॉक्टर के बताए अनुसार बूंदें उस जगह में डालें, लेकिन बोतल की नोक को आंख या किसी भी सतह से न छुआएं। इसके बाद आंख को एक मिनट तक धीरे से बंद रखें और भीतरी कोने को हल्के से दबाएं। आंख ठीक लगने पर भी ड्रॉप्स उतने दिन डालें, जितने दिन डॉक्टर ने बताए हैं।
आंखों को मलने से बचें और संक्रमण के दौरान तौलिया या तकिया किसी के साथ साझा न करें, ताकि संक्रमण न फैले। हाथ बार बार धोएं, धूल और धुएं वाली जगहों से बचें और संक्रमण ठीक होने तक आंखों का मेकअप न करें।
आंख के संक्रमण के दौरान और इन ड्रॉप्स के इस्तेमाल के समय कॉन्टैक्ट लेंस न पहनें। इनमें बेंज़ालकोनियम क्लोराइड होता है, जो मुलायम लेंस सोख सकते हैं, इसलिए अगर डॉक्टर लेंस की अनुमति दें तो ड्रॉप डालने के बाद कम से कम 15 मिनट रुककर ही लेंस लगाएं। अगर आप कोई दूसरी आई ड्रॉप भी डालते हैं, तो दोनों के बीच कम से कम 5 मिनट का अंतर रखें। यह दवा केवल बैक्टीरिया के संक्रमण में काम करती है, और बिना ज़रूरत एंटीबायोटिक के इस्तेमाल से एंटीबायोटिक प्रतिरोध हो सकता है। अगर आपको मोक्सीफ्लोक्सासिन या दूसरे क्विनोलोन एंटीबायोटिक से एलर्जी है, या आप गर्भवती हैं या स्तनपान कराती हैं, तो डॉक्टर को बताएं। गंभीर एलर्जी, चेहरे या होंठों पर सूजन, सांस लेने में तकलीफ, आंख में तेज़ दर्द या नज़र कमज़ोर होने पर ड्रॉप्स बंद करें और तुरंत डॉक्टर से मिलें। डॉक्टर की सलाह के बिना इसे बीच में बंद न करें।




































































