मॉन्टिना एल टैबलेट का उपयोग एलर्जी के लक्षणों को कम करने और दमे के दौरों को रोकने में मदद के लिए किया जाता है, जैसे छींक आना, नाक बहना, नाक बंद होना, आँखों से पानी आना और एलर्जी के कारण होने वाली खाँसी। यह विशेष रूप से मौसमी और सालभर रहने वाली एलर्जी तथा दमे के दीर्घकालिक नियंत्रण में उपयोगी है।
इसमें मोंटेलुकास्ट और लेवोसेटिरिज़िन होते हैं। मोंटेलुकास्ट शरीर में बनने वाले उन रसायनों का असर रोकता है जो साँस की नलियों में सूजन और जकड़न पैदा करते हैं। लेवोसेटिरिज़िन एलर्जी के समय बनने वाले हिस्टामिन का असर रोककर छींक, खुजली और नाक बहना कम करता है।
इसे डॉक्टर की बताई गई मात्रा में, आमतौर पर शाम या रात में लें। यह दमे के दौरे को रोकने वाली दवा है, इसे रोज़ लेना होता है। अचानक साँस फूलने पर यह काम नहीं करती, ऐसे में डॉक्टर के बताए इनहेलर का ही इस्तेमाल करें। डॉक्टर की सलाह के बिना यह दवा बंद न करें।
मोंटेलुकास्ट से कुछ लोगों में मन और व्यवहार से जुड़े बदलाव देखे गए हैं, जैसे बेचैनी, चिड़चिड़ापन, उदासी, नींद में परेशानी, डरावने सपने, आक्रामकता या दुर्लभ मामलों में आत्मघाती विचार आना, और बच्चों में भी ऐसा हो सकता है। ऐसा कोई भी बदलाव दिखे तो देर किए बिना डॉक्टर को बताएं। लेवोसेटिरिज़िन से नींद और सुस्ती आ सकती है, इसलिए गाड़ी चलाने और पूरी सतर्कता वाले काम करने में सावधानी रखें और शराब से बचें।
गुर्दे या लिवर की बीमारी हो, या आप गर्भवती हों या स्तनपान करा रही हों, तो डॉक्टर को पहले बताएं। यह अचानक शुरू हुए दमे के दौरे में तुरंत राहत देने वाली दवा नहीं है।
44% किफ़ायती






























































