सिप्लैक्टिन टैबलेट का उपयोग एलर्जी के लक्षणों से राहत पाने के लिए किया जाता है, जैसे छींक आना, नाक बहना, आँखों से पानी आना, त्वचा पर खुजली और पित्ती के लाल उभार।
इस टैबलेट में साइप्रोहेप्टाडाइन होता है, जो एलर्जी-रोधी दवाओं के समूह की दवा है। एलर्जी के समय शरीर में हिस्टामिन नाम का रसायन बनता है, जो खुजली, छींक और सूजन पैदा करता है। यह दवा उसी रसायन के असर को रोक देती है, जिससे लक्षण कम हो जाते हैं।
टैबलेट को डॉक्टर की बताई गई मात्रा में लें। इसे खाने के साथ लेने पर पेट की तकलीफ़ कम होती है। इस दवा से नींद और सुस्ती आती है, इसलिए डॉक्टर अक्सर इसे रात में लेने की सलाह देते हैं। इसे तय अवधि से ज़्यादा दिन तक अपने आप जारी न रखें।
दवा लेने के बाद गाड़ी चलाने, मशीन चलाने या पूरी सतर्कता वाले काम करने से बचें, और शराब के साथ इसका सेवन न करें। ग्लूकोमा, दमा, पेशाब में रुकावट, बढ़ी हुई प्रोस्टेट ग्रंथि, या लिवर, गुर्दे और दिल की कोई बीमारी हो, तो दवा शुरू करने से पहले डॉक्टर को बताएं। उम्रदराज़ लोगों और छोटे बच्चों को यह दवा केवल डॉक्टर की सलाह पर दें। गर्भवती हों या स्तनपान करा रही हों, तो भी डॉक्टर से पूछकर ही लें।

















































































