अस्थालिन सिरप का उपयोग दमा और क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज़ (सीओपीडी) जैसे सांस की बीमारी के लक्षणों को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है। यह दवाओं की ब्रोंकोडायलेटर्स (सांस की नली खोलने वाली दवाएं) की श्रेणी में आता है, जो सांस नली की मांसपेशियों को शांत करने में मदद करता है। इससे सांस लेने में आसानी होती है, और घरघराहट व सांस फूलने जैसे लक्षणों से राहत मिलती है। यह दवा फेफड़ों तक हवा के प्रवाह को सुधारती है, जिससे मरीज को घुटन महसूस नहीं होती और वह अपनी दैनिक गतिविधियों को सामान्य रूप से कर पाता है।
अपने प्रमुख उपयोग के अलावा, यह सिरप सांस नली की मांसपेशियों के अचानक सिकुड़ने और सांस लेने में होने वाली परेशानी से भी राहत प्रदान करता है। यह दमा से पीड़ित मरीजों में घरघराहट, खांसी और सांस फूलने जैसे लक्षणों को नियंत्रित करने में मदद करता है। वहीं सीओपीडी से पीड़ित मरीजों के लिए यह दवा क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस और एम्फीसेमा के लक्षणों को नियंत्रित करने में सहायक होती है। इस सिरप को डॉक्टर द्वारा बताए अनुसार ही लेना चाहिए। इस दवा को शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर को किसी भी चल रही बीमारी या दवाओं की जानकारी अवश्य दें। बेहतर परिणाम पाने के लिए इस दवा को डॉक्टर के द्वारा दिए गए समय तक लेना आवश्यक है।


























































