निफ्टास टैबलेट का उपयोग मूत्र मार्ग के बैक्टीरियल संक्रमण (UTI) के इलाज के लिए किया जाता है, जैसे मूत्राशय का संक्रमण, जिसमें पेशाब में जलन, बार-बार पेशाब आना और पेट के निचले हिस्से में तकलीफ़ होती है।
इस टैबलेट में नाइट्रोफ्यूरैंटॉइन का धीरे-धीरे असर करने वाला रूप होता है। यह दवा पेशाब में जाकर जमा हो जाती है और वहीं संक्रमण फैलाने वाले बैक्टीरिया को नुक़सान पहुँचाकर उन्हें बढ़ने से रोक देती है।
निफ्टास टैबलेट को खाने या दूध के साथ, एक गिलास पानी के साथ पूरा निगलें। खाने के साथ लेने पर दवा शरीर में बेहतर तरीक़े से घुलती है और पेट की तकलीफ़ भी कम होती है। दिन भर पानी अच्छी तरह पीते रहें। डॉक्टर की बताई पूरी अवधि तक दवा लें, भले ही जलन पहले ठीक हो जाए।
इस दवा से पेशाब का रंग गहरा पीला या भूरा हो सकता है, जो नुक़सानदेह नहीं है। गुर्दे की बीमारी हो, फेफड़ों की कोई पुरानी शिकायत हो, या ख़ून से जुड़ी कोई बीमारी बताई गई हो, तो दवा शुरू करने से पहले डॉक्टर को ज़रूर बताएं। गर्भावस्था में यह दवा केवल डॉक्टर की सलाह पर ली जाती है और प्रसव के आख़िरी हफ़्तों में नहीं दी जाती। साँस लेने में तकलीफ़, लगातार खाँसी, हाथ-पैर में झुनझुनी या सुन्नपन, या आँखों और त्वचा का पीला पड़ना दिखे, तो दवा बंद करके तुरंत डॉक्टर से मिलें।




















































