ऑर्निडा टैबलेट का उपयोग शरीर के विभिन्न अंगों जैसे लिवर, पेट, आंतों, योनि और फेफड़ों में होने वाले बैक्टीरियल और परजीवी (Parasitic) संक्रमणों के इलाज के लिए किया जाता है। यह सूक्ष्मजीवों के डीएनए को नुकसान पहुँचाकर उन्हें नष्ट करती है, जिससे संक्रमण का प्रसार रुक जाता है। यह पेचिश, अमीबियासिस और गंभीर संक्रमण जनित दस्त को ठीक करने में अत्यंत प्रभावी है।
संक्रमण के उपचार के अलावा, यह टैबलेट ऑपरेशन के बाद होने वाले घावों के संक्रमण को रोकने और दांतों के गहरे फोड़ों के इलाज में भी सहायक है। इसे अक्सर एच. पाइलोरी बैक्टीरिया के कारण होने वाले पेट के अल्सर को ठीक करने के लिए अन्य दवाओं के साथ संयोजन में दिया जाता है। यह त्वचा के छालों और दबाव के कारण होने वाले घावों (Bedsores) की रिकवरी में भी मदद करती है।
इसे डॉक्टर के निर्देशानुसार भोजन के साथ पूरा निगल लें ताकि पेट की खराबी से बचा जा सके। बेहतर महसूस होने पर भी दवा का कोर्स अधूरा न छोड़ें, वरना संक्रमण दोबारा लौट सकता है। यदि आपको चक्कर आना, सुस्ती या स्वाद में बदलाव महसूस हो, तो अपने डॉक्टर को सूचित करें और दवा का नियमित पालन करें।























































