पाचन और प्रतिरक्षा स्वास्थ्य को बेहतर करता है।
आंत के जीवाणुओं का एक स्वस्थ संतुलन बनाए रखता है।
इससे हानिकारक जीवाणु कम हो सकते हैं।
कभी-कभी होने वाली गैस, पेट के फूलने और पाचन संबंधी तकलीफ़ों को कम करने में मदद करता है।
पोषक तत्वों के अवशोषण (आंतों के जरिए सोख लेना) और संपूर्ण पाचन क्रिया को बेहतर करता है।
आंत में स्वस्थ वातावरण को बढ़ावा देता है।





















































