थायरोनोर्म 12.5 एमसीजी टैबलेट हाइपोथायरॉयडिज़्म यानी थायरॉयड हार्मोन की कमी के इलाज के लिए दी जाने वाली सिंथेटिक थायरॉयड हार्मोन (लेवोथायरॉक्सिन) दवा है। यह शरीर में कम हुए थायरॉयड हार्मोन के स्तर को पूरा करके ऊर्जा, चयापचय और शरीर की विभिन्न क्रियाओं को सामान्य करने में मदद करती है, जिससे थकान, वज़न बढ़ना, ठंड के प्रति संवेदनशीलता, सुस्ती और डिप्रेशन जैसे लक्षणों में सुधार आता है।
इसका इस्तेमाल गॉइटर (थायरॉयड ग्रंथि का बढ़ना) के इलाज, थायरॉयड कैंसर को नियंत्रित करने और गंभीर हाइपोथायरॉयडिज़्म जैसी स्थिति मिक्सीडेमा कोमा में भी किया जा सकता है। यह शरीर में थायरॉयड हार्मोन की जगह लेकर हृदय गति, ऊर्जा स्तर और शरीर के तापमान को नियमित रखने में मदद करती है।
खुराक हर व्यक्ति में अलग-अलग होती है और डॉक्टर आपके परीक्षणों व लक्षणों के आधार पर इसे तय करेंगे तथा समय-समय पर बदलते रहेंगे। इसे आमतौर पर सुबह खाली पेट, रोज़ एक ही समय पर, भरपूर पानी के साथ लेना चाहिए और खाने से पहले कम से कम 30-60 मिनट का अंतर रखना चाहिए ताकि दवा सही तरीके से अवशोषित हो सके।
यह एक ऐसी दवा है जिसे डॉक्टर की सलाह के बिना अचानक बंद नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे हाइपोथायरॉयडिज़्म के लक्षण दोबारा लौट सकते हैं। थायरॉयड हार्मोन के स्तर की निगरानी के लिए डॉक्टर समय-समय पर ख़ून की जांच करवाने की सलाह देंगे, इसी के आधार पर खुराक को समायोजित किया जाता है। कोई पुरानी बीमारी हो या कोई और दवा चल रही हो, तो डॉक्टर को ज़रूर बताएं। अगर आपको कोई भी गंभीर साइड इफेक्ट्स महसूस हों, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें, लेकिन डॉक्टर की सलाह के बिना दवा बंद न करें।

































































