फ्लूमेट प्लस 150/6 टैबलेट वयस्कों में कुछ तरह के फंगल और परजीवी संक्रमणों के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाती है। यह फ्लुकोनाज़ोल और आइवरमेक्टिन का संयोजन है और एंटीफंगल तथा परजीवीरोधी दवाओं के वर्ग में आती है।
यह दवा दो तरह से काम करती है। फ्लुकोनाज़ोल फंगस की कोशिका की बाहरी परत बनाने वाले तत्व को रोककर फंगस को बढ़ने से रोकता है, जबकि आइवरमेक्टिन परजीवियों की नसों और मांसपेशियों पर असर डालकर उन्हें खत्म करता है। इसका इस्तेमाल योनि के यीस्ट संक्रमण, मुंह और गले के फंगल संक्रमण, दिमाग की झिल्ली के फंगल संक्रमण (क्रिप्टोकोकल मिनिंजाइटिस), अस्थि मज्जा प्रत्यारोपण के मरीज़ों में फंगल संक्रमण की रोकथाम, और आंतों के परजीवी संक्रमण (स्ट्रॉन्गिलोइडियासिस) व रिवर ब्लाइंडनेस (ओन्कोसर्सियासिस) में किया जाता है। टैबलेट को पानी के साथ पूरा निगलें, उसे चबाएं या कुचलें नहीं। इसे खाने के साथ या बिना खाने के लिया जा सकता है। डॉक्टर की बताई खुराक और अवधि का पालन करें।
योनि के संक्रमण में जननांग क्षेत्र को साफ और सूखा रखें और ढीले सूती कपड़े पहनें। परजीवी संक्रमण में खाने से पहले और शौच के बाद हाथ धोने जैसी साफ-सफाई की आदतें संक्रमण दोबारा होने से बचाने में मदद करती हैं।
यह दवा लेने से पहले डॉक्टर को बताएं अगर आपको लिवर या किडनी की बीमारी या दिल की धड़कन की लय में गड़बड़ी है, या आप वारफरिन, फेनिटोइन, डायबिटीज़ की गोलियां (जैसे ग्लिपिज़ाइड या ग्लिबेंक्लामाइड) या थियोफिलिन ले रहे हैं। गर्भावस्था में यह दवा सुरक्षित नहीं मानी जाती, इसलिए गर्भवती हों या गर्भ की योजना बना रही हों तो पहले डॉक्टर से पूछें, और स्तनपान के दौरान भी डॉक्टर की सलाह लें। इसे बच्चों को डॉक्टर की सलाह के बिना न दें। फ्लुकोनाज़ोल या आइवरमेक्टिन से एलर्जी होने पर यह दवा न लें। शराब से बचें, और चक्कर या सिरदर्द होने पर गाड़ी न चलाएं। त्वचा पर तेज़ चकत्ते, आंखों या त्वचा का पीलापन या गहरे रंग का पेशाब होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।



































































