लॅसिलॅक्टोन 20/50 टैबलेट का उपयोग शरीर में जमा अतिरिक्त द्रव (एडिमा) और हाई ब्लड प्रेशर को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने के लिए किया जाता है। यह मुख्य रूप से हृदय गति रुकने (हार्ट फेलियर), लिवर सिरोसिस के कारण पेट में पानी भरने (जलोदर) और किडनी की गंभीर बीमारियों से जुड़ी सूजन को कम करने में सहायक है।
इसमें फ़्यूरोसेमाइड और स्पाइरोनोलैक्टोन का संयोजन होता है, जो दोनों मूत्रवर्धक (डाइयूरेटिक) हैं। यह मूत्र के माध्यम से शरीर से अतिरिक्त नमक और पानी को बाहर निकालता है, जबकि पोटेशियम के आवश्यक स्तर को संतुलित बनाए रखने में मदद करता है, क्योंकि फ़्यूरोसेमाइड पोटेशियम की कमी करता है और स्पाइरोनोलैक्टोन पोटेशियम को बनाए रखता है।
चूंकि यह दवा बार-बार पेशाब आने का कारण बनती है, इसलिए इसे आमतौर पर सुबह के समय लेने की सलाह दी जाती है, ताकि रात की नींद में कोई बाधा न आए।
उपचार के दौरान नियमित रूप से ब्लड प्रेशर और इलेक्ट्रोलाइट स्तर (जैसे सोडियम और पोटेशियम) की निगरानी करना आवश्यक है। यदि आप शरीर में पानी की कमी, मांसपेशियों में कमजोरी या गंभीर चक्कर आने जैसा महसूस करते हैं, तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें। अचानक उपचार रोकने से हृदय गति या ब्लड प्रेशर बिगड़ सकता है।




















































