ज़ाइलोरिक टैबलेट का उपयोग शरीर में यूरिक एसिड के उच्च स्तर को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है, जो गाउट (Gout) जैसी दर्दनाक बीमारी का कारण बनता है। इसमें 'एलोप्यूरिनॉल' होता है, जो शरीर में यूरिक एसिड के उत्पादन को रोकने वाले एक एंजाइम को ब्लॉक करता है। यूरिक एसिड कम होने से जोड़ों में जमा होने वाले नुकीले और दर्दनाक क्रिस्टल नहीं बन पाते, जिससे जोड़ों के दर्द और जकड़न में राहत मिलती है।
गाउट के इलाज के अलावा, यह दवा किडनी की पथरी (यूरिक एसिड स्टोन) को रोकने में भी बहुत मददगार है। यह उन कैंसर रोगियों के लिए भी जीवनरक्षक हो सकती है जो कीमोथेरेपी ले रहे हैं, क्योंकि कीमोथेरेपी के दौरान शरीर में यूरिक एसिड का स्तर अचानक बढ़ सकता है। यह जोड़ों की सूजन को घटाकर उनकी सामान्य कार्यक्षमता को फिर से सक्रिय करने में सहायता प्रदान करती है।
इस दवा के सेवन के दौरान प्रतिदिन कम से कम 2-3 लीटर पानी पीना अनिवार्य है ताकि यूरिक एसिड किडनी के माध्यम से आसानी से बाहर निकल सके। उपचार का पूरा लाभ उठाने के लिए इसे डॉक्टर द्वारा सुझाई गई अवधि तक नियमित रूप से लें। यदि आपको किडनी या लिवर की कोई गंभीर समस्या है, तो डॉक्टर को सूचित करें। दवा के दौरान यदि त्वचा पर कोई रैश या दाने दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।







































































