विट्कोफॉल इंजेक्शन का उपयोग विटामिन बी12 और फ़ॉलिक एसिड की कमी से होने वाली ख़ून की कमी के इलाज के लिए किया जाता है, ख़ासकर जब कमी की वजह से नसों से जुड़ी तकलीफ़ें भी हों।
इस इंजेक्शन में निकोटिनामाइड, फ़ॉलिक एसिड और साइनोकोबालामिन होते हैं। साइनोकोबालामिन विटामिन बी12 का एक रूप है, जिसकी ज़रूरत शरीर को नसों की बाहरी परत बनाए रखने और लाल ख़ून की कोशिकाएं बनाने के लिए होती है। फ़ॉलिक एसिड भी नई कोशिकाएं बनने में मदद करता है।
यह इंजेक्शन डॉक्टर या प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी द्वारा ही दिया जाता है। इसे कभी अपने आप न लगवाएं। कितनी ख़ुराक और कितने दिन देनी है, यह डॉक्टर जांच के नतीजों के आधार पर तय करते हैं।
कमी की वजह जानना ज़रूरी है, इसलिए डॉक्टर ख़ून की जांच करा सकते हैं। यह ख़ास तौर पर मायने रखता है क्योंकि फ़ॉलिक एसिड अकेले देने से ख़ून की कमी तो सुधर जाती है, लेकिन विटामिन बी12 की कमी छिप जाती है और नसों को नुक़सान बढ़ता रहता है। अगर आपको किसी दवा से एलर्जी रही हो, गुर्दे या लिवर की बीमारी हो, या आप गर्भवती हों या स्तनपान करा रही हों, तो इंजेक्शन लगवाने से पहले डॉक्टर को बताएं। इंजेक्शन के बाद चकत्ते, चेहरे या गले में सूजन, या साँस लेने में तकलीफ़ हो, तो तुरंत डॉक्टर को बताएं। अगर हाथ-पैर में झुनझुनी या सुन्नपन बढ़ता जाए या चलने में दिक़्क़त हो, तो देर किए बिना डॉक्टर को दिखाएं।


































































