लिपाग्लिन टैबलेट का उपयोग मुख्य रूप से डायबिटिक डिस्लिपिडेमिया कही जाने वाली टाइप 2 डायबिटीज़ के मरीजों में खून में बढ़े हुए वसा (कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड) के स्तर को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है। डॉक्टर की सलाह पर इसका उपयोग नॉनसिरोटिक नॉन-अल्कोहलिक स्टीटोहेपेटाइटिस (एनएएसएच) और नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर की बीमारी (एनएएफएलडी), विशेष रूप से मोटापा, डिस्लिपिडेमिया या मेटाबोलिक सिंड्रोम से जुड़े मामलों में भी किया जा सकता है।
लिपाग्लिन टैबलेट मुंह से डॉक्टर द्वारा बताई गई खुराक के अनुसार ली जाती है। इसे नियमित रूप से लेना ज़रूरी है और मनमाने तरीके से या अधिक मात्रा में नहीं लेना चाहिए। इसे भोजन के साथ या बिना भोजन के लिया जा सकता है। गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को खुराक और कितनी बार लेना है, इसके बारे में डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।






































