नियोस्पोरिन पाउडर का उपयोग त्वचा के हल्के बैक्टीरियल संक्रमणों के इलाज और छोटे घावों में संक्रमण रोकने के लिए किया जाता है, जैसे मामूली कटे, छिले हुए हिस्से और फोड़े-फुंसी।
इस पाउडर में नियोमाइसिन, पॉलीमिक्सिन बी और बेसीट्रैसिन का मेल होता है। ये तीनों त्वचा पर लगाने वाली एंटीबायोटिक दवाएं हैं, जो अलग-अलग तरीक़ों से बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकती हैं और संक्रमण को फैलने से रोकती हैं।
लगाने से पहले प्रभावित जगह को साफ़ पानी से धोकर हल्के हाथ से सुखा लें। पाउडर की हल्की परत दिन में उतनी ही बार छिड़कें जितनी डॉक्टर ने कही हो। लगाने से पहले और बाद में हाथ धोएं। इसे आँखों, नाक और कान के अंदर न लगाएं।
यह पाउडर सिर्फ़ बाहरी इस्तेमाल के लिए है। इसे डॉक्टर की बताई अवधि से ज़्यादा दिन तक अपने आप न लगाएं, और शरीर के बड़े हिस्से पर, गहरे या बड़े घाव पर, या ज़्यादा जली हुई त्वचा पर न लगाएं, क्योंकि इस समूह की दवा बड़े हिस्से से शरीर में सोख ली जाए तो सुनने की क्षमता और गुर्दों पर असर पड़ने का ख़तरा रहता है। नियोमाइसिन से कुछ लोगों में त्वचा की एलर्जी भी हो जाती है। तय अवधि में आराम न मिले, संक्रमण फैलता दिखे, बुख़ार आ जाए, या घाव से मवाद निकलने लगे, तो डॉक्टर को दिखाएं। गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान इसका इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह पर ही करें।
































































