व्हॅलन्स ओडी 500 टैबलेट मुख्य रूप से मिर्गी और दौरे से जुड़े विकारों को नियंत्रित करने के लिए इस्तेमाल की जाती है। यह एंटीकॉन्वल्सेंट (दौरा-रोधी) दवाओं के समूह में आती है, जो शरीर में होने वाले दौरों को रोकने और नियंत्रित करने के लिए बनाई जाती हैं।
मिर्गी के अलावा, यह बायपोलर डिसऑर्डर (एक मानसिक बीमारी जिसमें मूड में तेज़ और बार-बार बदलाव होते हैं) से जुड़े मैनिक एपिसोड (जिसमें व्यक्ति असामान्य रूप से जरूरत से ज़्यादा सक्रिय, उत्तेजित और कम नींद लेने वाला महसूस करता है) के इलाज में और माइग्रेन के सिरदर्द से बचाव के लिए भी इस्तेमाल की जाती है। यह वैल्प्रोएट (डाइवैलप्रोएक्स सोडियम) नाम के घटक पर आधारित मानी जाती है, जो दिमाग में मौजूद रासायनिक संकेतों को संतुलित कर दौरे, मूड में उतार-चढ़ाव और माइग्रेन को नियंत्रित करने में मदद करती है।
इसे लेना शुरू करने से पहले सही खुराक और समय के लिए डॉक्टर की सलाह ज़रूर लें। बेहतर महसूस होने पर भी डॉक्टर द्वारा बताई गई अवधि तक इसे लगातार लेते रहें, ताकि पूरा फायदा मिल सके।
यह एक ऐसी दवा है जिसे अचानक बंद नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे दौरे दोबारा या ज़्यादा गंभीर रूप में लौट सकते हैं। इसे बंद करने की ज़रूरत हो तो डॉक्टर की निगरानी में खुराक धीरे-धीरे कम की जाती है। अगर आप गर्भवती हैं, गर्भधारण की योजना बना रही हैं या स्तनपान करा रही हैं, तो दवा शुरू करने से पहले डॉक्टर को ज़रूर बताएं, क्योंकि इस समूह की दवाएं गर्भ में पल रहे बच्चे में जन्म दोष के खतरे से जुड़ी हो सकती हैं। कोई पुरानी बीमारी हो या कोई और दवा चल रही हो, तो भी डॉक्टर को बताएं। अगर आपको इसे लेते समय कोई भी गंभीर साइड इफेक्ट्स महसूस हों, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें, लेकिन डॉक्टर की सलाह के बिना दवा बंद न करें।
























































