कीटो-बी क्रीम का उपयोग त्वचा के उन फंगल संक्रमणों के इलाज के लिए किया जाता है जिनमें तेज़ सूजन, लालिमा और खुजली भी हो। यह क्रीम डॉक्टर की सलाह पर, थोड़े समय के लिए ही इस्तेमाल की जाती है।
इस क्रीम में केटोकोनाज़ोल और एक स्टेरॉइड दवा होती है। केटोकोनाज़ोल फफूंद की बाहरी परत बनने से रोककर उसे ख़त्म करता है। स्टेरॉइड त्वचा की सूजन, लालिमा और खुजली को कम करता है, जिससे शुरुआती दिनों में आराम मिलता है।
क्रीम की पतली परत, प्रभावित जगह को साफ़ और सूखा करने के बाद, डॉक्टर के बताए अनुसार दिन में एक या दो बार लगाएं। लगाने से पहले और बाद में हाथ धोएं। इसे आँखों, मुँह और खुले घावों पर न लगाएं।
इस क्रीम में स्टेरॉइड होने के कारण इसे साधारण दाद या खुजली के लिए अपने मन से लंबे समय तक इस्तेमाल न करें। स्टेरॉइड शुरू में खुजली कम कर देता है, लेकिन लंबे इस्तेमाल पर फंगल संक्रमण अंदर ही अंदर फैलता है, चकत्ता बदल जाता है और बाद में इलाज बहुत मुश्किल हो जाता है। डॉक्टर अक्सर सूजन कम होने के बाद अकेली फफूंद-रोधी क्रीम पर ले आते हैं। इसे चेहरे, कमर और त्वचा की मुड़ने वाली जगहों पर तथा शरीर के बड़े हिस्से पर न लगाएं, क्योंकि इससे त्वचा पतली हो सकती है और रंग बदल सकता है। बच्चों में, गर्भावस्था में या स्तनपान के दौरान इसका इस्तेमाल केवल डॉक्टर की सलाह पर करें। तय अवधि में आराम न मिले या चकत्ता फैलता दिखे, तो दोबारा डॉक्टर को दिखाएं।













































