यूरोलाईन इंजेक्शन का उपयोग मुख्य रूप से तब किया जाता है, जब मरीज को मुंह के माध्यम से तरल पदार्थ और सोडियम क्लोराइड देना संभव न हो।
यह 'आइसोटोनिक क्रिस्टलॉयड सॉल्यूशन' की श्रेणी में आता है, जिसका संघटन हमारे शरीर के प्राकृतिक तरल पदार्थों के समान होता है। यह शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखने में मदद करता है और ख़ून में सोडियम की कमी (हाइपोनेट्रीमिया) की स्थिति को सुधारने में भी उपयोग किया जाता है। इसके अलावा, यह इंजेक्शन उन अन्य दवाओं को नस के मार्ग से देने के लिए एक सुरक्षित माध्यम के रूप में भी काम करता है, जिन्हें मौखिक रूप से नहीं लिया जा सकता।
इसे डॉक्टर द्वारा तय की गई खुराक और गति पर ही दिया जाना चाहिए, जो आपकी उम्र, वजन और स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करेगी।
अपने डॉक्टर को किसी भी पुरानी बीमारी, विशेषकर हृदय या किडनी से जुड़ी समस्या, या चल रही दवाओं के बारे में ज़रूर बताएं, क्योंकि इससे तरल पदार्थ के अत्यधिक जमाव का जोखिम बढ़ सकता है। यदि इंजेक्शन लेने के बाद कोई प्रतिकूल प्रभाव दिखाई दे, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें।
























