केटोकोनाजोल + जिंक पाइरिथियोन का उपयोग डैंड्रफ (रुसी), सेबोरहाइक डर्माटाइटिस (सिर या चेहरे पर खुजली, लालपन और सफेद परत वाली त्वचा की बीमारी) तथा इनसे जुड़ी सिर की खाल की खुजली और पपड़ी को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है।
इस संयोजन का उपयोग आमतौर पर निम्नलिखित कार्यों के लिए किया जाता है:
डैंड्रफ (रुसी): यह सिर की खाल पर बनने वाली सफेद परत, खुजली और पपड़ी को कम करने में मदद करता है।
सेबोरहाइक डर्माटाइटिस (सिर या चेहरे पर खुजली, लालपन और सफेद परत वाली त्वचा की बीमारी): यह सिर की खाल पर होने वाले लालपन, खुजली, जलन और चिकनी या सूखी परत को नियंत्रित करने में मदद करता है।
टिनिया वर्सिकोलर (त्वचा का रंग बदलने वाला फंगल इंफेक्शन): कुछ केटोकोनाजोल शैम्पू का उपयोग इस समस्या में किया जा सकता है। केटोकोनाजोल + जिंक पाइरिथियोन शैम्पू को शरीर की त्वचा पर केवल तभी लगाएँ, जब संबंधित उत्पाद के लेबल पर ऐसा लिखा हो या डॉक्टर ने इसकी सलाह दी हो।
खुजली और पपड़ीदार सिर की खाल: यदि ये लक्षण डैंड्रफ या सेबोरहाइक डर्माटाइटिस से जुड़े हों, तो यह शैम्पू उन्हें कम करने में मदद कर सकता है।
केटोकोनाजोल + जिंक पाइरिथियोन से होने वाले साइड इफेक्ट्स इस प्रकार हैं:
खुजली
लालपन
जलन
सिर की खाल का सूखापन
त्वचा की परत उतरना
बालों या सिर की खाल का अधिक तैलीय या सूखा होना
बालों की बनावट या रंग में बदलाव
केटोकोनाजोल + जिंक पाइरिथियोन अलग-अलग तरीकों से फंगस और यीस्ट की वृद्धि को नियंत्रित करते हैं।
केटोकोनाजोल फंगस की अपनी बाहरी सुरक्षा परत बनाने से रोकता है। इससे फंगस की वृद्धि रुकती है और फंगल इंफेक्शन को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। यह मलासेज़िया नामक यीस्ट पर असर करता है, जिसकी डैंड्रफ और सेबोरहाइक डर्माटाइटिस में भूमिका हो सकती है।
जिंक पाइरिथियोन फंगस, यीस्ट और कुछ बैक्टीरिया की वृद्धि कम करने में मदद करता है। इससे सिर की खाल पर बनने वाली पपड़ी, खुजली और लालपन कम हो सकते हैं।
ये दोनों दवाएँ मिलकर डैंड्रफ और सेबोरहाइक डर्माटाइटिस के लक्षणों को नियंत्रित करने में मदद करती हैं।

MBBS

MBBS, DNB (OBGY)
केटोकोनाजोल + जिंक पाइरिथियोन बाहरी उपयोग के लिए शैम्पू के रूप में उपलब्ध है। अलग-अलग उत्पादों में दोनों दवाओं की मात्रा अलग हो सकती है।
इस शैम्पू का उपयोग आमतौर पर वयस्कों और किशोरों में किया जाता है। बच्चों में इसका उपयोग केवल डॉक्टर की सलाह पर करें।
शैम्पू की मात्रा, इसे सिर की खाल पर छोड़ने का समय और सप्ताह में इसके उपयोग की संख्या संबंधित उत्पाद के लेबल या डॉक्टर की सलाह पर निर्भर करती है। सामान्यतः इसे गीले बालों और सिर की खाल पर लगाया जाता है, कुछ मिनट रहने दिया जाता है और फिर पानी से अच्छी तरह धो दिया जाता है।
सुझाई गई मात्रा या समय से अधिक इसका उपयोग न करें।
केटोकोनाजोल, जिंक पाइरिथियोन या शैम्पू की किसी अन्य सामग्री से एलर्जी होने पर इसका उपयोग न करें।
सिर की खाल पर गहरा घाव, तेज़ सूजन, पस, खून या गंभीर जलन होने पर स्वयं इसका उपयोग न करें। पहले डॉक्टर से जाँच करवाएँ।
त्वचा पर लगाए जाने वाले इस शैम्पू का मुँह से ली जाने वाली दवाओं के साथ असर बदलने की संभावना कम होती है।
यदि आप सिर की खाल पर कोई दूसरी दवा, लोशन, तेल या औषधीय शैम्पू लगा रहे हैं, तो डॉक्टर या फार्मासिस्ट को बताएँ।
यदि आप लंबे समय से सिर की खाल पर सूजन और खुजली कम करने वाली स्टेरॉइड दवा लगा रहे हैं, तो उसे अचानक बंद न करें। डॉक्टर उसकी मात्रा धीरे-धीरे कम करने की सलाह दे सकते हैं।
यह केवल बाहरी उपयोग की दवा है। सुझाई गई मात्रा से अधिक लगाने पर सिर की खाल में सूखापन, लालपन या जलन बढ़ सकती है। ऐसी स्थिति में शैम्पू को पानी से अच्छी तरह धो लें।
यदि गलती से शैम्पू निगल लिया जाए, तो मुँह साफ करें और तुरंत चिकित्सा सहायता लें। स्वयं उल्टी करवाने की कोशिश न करें।
यदि शैम्पू आँखों में चला जाए, तो आँखों को साफ पानी से अच्छी तरह धोएँ। जलन बनी रहने पर डॉक्टर से संपर्क करें।
यदि एक बार इसका उपयोग छूट जाए, तो याद आने पर इसका उपयोग करें। यदि अगली बार के उपयोग का समय पास है, तो छूटा हुआ उपयोग छोड़ दें। छूटे हुए उपयोग की भरपाई के लिए अधिक मात्रा में शैम्पू न लगाएँ।
हल्की खुजली, लालपन या जलन होने पर शैम्पू को पानी से अच्छी तरह धो लें। लक्षण बने रहने या बढ़ने पर इसका उपयोग रोकें और डॉक्टर से सलाह लें।
सिर की खाल को न खुजलाएँ, क्योंकि इससे त्वचा को नुकसान हो सकता है और इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है।
गंभीर सूजन, पूरे शरीर पर दाने या साँस लेने में कठिनाई होने पर शैम्पू का उपयोग बंद करें और तुरंत चिकित्सा सहायता लें।
यह शैम्पू वाहन या मशीनरी चलाने की क्षमता को प्रभावित नहीं करता।
गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान इस शैम्पू का उपयोग केवल डॉक्टर की सलाह पर करें।
स्तनपान के दौरान इसे स्तन या उसके आसपास की त्वचा पर न लगाएँ। यदि वहाँ इसका उपयोग जरूरी हो, तो पहले डॉक्टर से सलाह लें।
किडनी या लिवर की बीमारी वाले मरीज़ों में सिर की खाल पर इसका उपयोग करने के लिए सामान्यतः अलग खुराक की जरूरत नहीं होती। हालांकि, गंभीर बीमारी होने पर डॉक्टर को बताएँ।
त्वचा पर खुला घाव, गंभीर सूजन, पस या बार-बार होने वाली एलर्जी की समस्या हो, तो उपयोग से पहले डॉक्टर से सलाह लें।
यदि 2–4 सप्ताह में लक्षणों में सुधार न हो या समस्या बढ़ जाए, तो त्वचा विशेषज्ञ से जाँच करवाएँ। डैंड्रफ जैसे दिखने वाले लक्षण किसी दूसरी त्वचा की बीमारी के कारण भी हो सकते हैं।
सिर की खाल को साफ रखें और उसे बार-बार न खुजलाएँ।
बहुत गर्म पानी से बाल धोने से बचें।
सिर की खाल में जलन होने पर हेयर स्प्रे, हेयर जेल और तेज़ खुशबू वाले उत्पादों का उपयोग न करें।
डॉक्टर की सलाह के बिना टी ट्री ऑयल, दूसरा तेल या कोई अन्य औषधीय शैम्पू साथ में न लगाएँ।
शैम्पू को आँखों, मुँह और नाक के अंदर जाने से बचाएँ।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
कुछ लोगों में खुजली और पपड़ी में शुरुआती सुधार कुछ बार उपयोग करने के बाद दिख सकता है। पूरा लाभ मिलने में लगभग 2–4 सप्ताह लग सकते हैं। यदि इस दौरान सुधार न हो या समस्या बढ़ जाए, तो डॉक्टर से संपर्क करें।
यह केवल बाहरी उपयोग के लिए है। इसे निगलें नहीं और आँखों, मुँह या नाक के अंदर न जाने दें। गंभीर जलन, सूजन, पूरे शरीर पर दाने या साँस लेने में कठिनाई होने पर इसका उपयोग बंद करें और तुरंत चिकित्सा सहायता लें।
डॉक्टर या उत्पाद के लेबल पर बताई गई अवधि तक इस शैम्पू का उपयोग करें। लक्षण ठीक होते ही इसे अपने आप बंद करने पर डैंड्रफ दोबारा हो सकता है। लंबे समय तक नियमित उपयोग केवल डॉक्टर की सलाह पर करें।
यह शैम्पू सिर की खाल पर लगाया जाता है और शरीर में इसकी बहुत कम मात्रा पहुँचती है। इसलिए किडनी या लिवर की बीमारी में सामान्यतः अलग खुराक की जरूरत नहीं होती। गंभीर बीमारी या सिर की खाल पर खुला घाव होने पर उपयोग से पहले डॉक्टर से सलाह लें।
प्रजनन क्षमता पर इस शैम्पू के प्रभाव से संबंधित पर्याप्त जानकारी उपलब्ध नहीं है। सिर की खाल पर उपयोग करने से शरीर में इसकी बहुत कम मात्रा पहुँचती है और किसी निश्चित हानिकारक प्रभाव का प्रमाण नहीं मिला है।
इसका उपयोग डैंड्रफ (रुसी) और सेबोरहाइक डर्माटाइटिस को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है। यह सिर की खाल पर फंगस और यीस्ट की वृद्धि कम करके खुजली, लालपन और पपड़ी को कम करने में मदद करता है।
अन्य सॉल्ट्स में उपलब्ध (केटोकोनाजोल + जिंक पाइरिथियोन)








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