कैल्शियम साइट्रेट मैलेट + विटामिन डी3 का उपयोग कैल्शियम और विटामिन डी की कमी तथा कम कैल्शियम के कारण होने वाली स्थितियों, जैसे ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डियों की कमजोरी), ऑस्टियोमलेशिया (हड्डियों का नरम होना), रिकेट्स (बच्चों की हड्डियों का कमजोर और टेढ़ा होना), हाइपोपैराथायरॉयडिज़्म (इस बीमारी में शरीर में कैल्शियम की कमी) और लेटेंट टेटनी के इलाज के लिए किया जाता है।
यह हड्डियों को मजबूत करने, हड्डियों का घनत्व बढ़ाने और माँसपेशियों के कार्य में सहायता करने में मदद करता है। इसका उपयोग गर्भावस्था, स्तनपान या मेनोपॉज़ के बाद की महिलाओं में पोषण संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए भी किया जा सकता है।
कैल्शियम साइट्रेट मैलेट + विटामिन डी3 से होने वाले साइड इफेक्ट्स:
जी मिचलाना
भूख न लगना
कब्ज
पेट में दर्द
बार-बार पेशाब आना
मांसपेशियों में दर्द
कैल्शियम साइट्रेट मैलेट कैल्शियम का स्रोत है, जबकि विटामिन डी3 शरीर में कैल्शियम और फॉस्फोरस के अवशोषण में मदद करता है।
कैल्शियम साइट्रेट मैलेट ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डियों की कमजोरी), ऑस्टियोमलेशिया (हड्डियों का नरम होना) और रिकेट्स (बच्चों की हड्डियों का कमजोर और टेढ़ा होना) जैसी कैल्शियम की कमी से संबंधित स्थितियों को रोकता है या उनका इलाज करता है।
विटामिन डी3 विटामिन डी का एक रूप है। यह आंतों से कैल्शियम और फॉस्फोरस के अवशोषण को बढ़ाने में मदद करता है।
इससे हड्डियों का स्वास्थ्य बनाए रखने और ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डियों की कमजोरी), रिकेट्स (बच्चों की हड्डियों का कमजोर और टेढ़ा होना) और ऑस्टियोमलेशिया (हड्डियों का नरम होना) को रोकने में मदद मिलती है।

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कैल्शियम साइट्रेट मैलेट + विटामिन डी3 मौखिक उपयोग के लिए टैबलेट, कैप्सूल, सिरप और तरल बूंदों के रूप में तथा इंट्रामस्कुलर उपयोग के लिए इंजेक्शन के रूप में उपलब्ध है।
इसका उपयोग वयस्क और बच्चे अपनी उम्र और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार कर सकते हैं।
जिन मरीज़ों को कैल्शियम साइट्रेट मैलेट या विटामिन डी3 से अतिसंवेदनशीलता का इतिहास रहा हो, जिनके खून या मूत्र में कैल्शियम का स्तर अधिक हो, किडनी विफलता या किडनी की पथरी हो या किडनी की पथरी बनने की प्रवृत्ति हो, और जिनके खून में विटामिन डी का स्तर अधिक हो, उनके लिए इसका उपयोग वर्जित है।
मिर्गी-रोधी दवाएं, ऐंठनरोधी दवाएं जैसे कार्बामाज़ेपाइन, फेनोबार्बिटल, फेनिटोइन और प्रिमिडोन, विटामिन डी और कैल्शियम युक्त अन्य दवाएं, हृदय संबंधी दवाएं जैसे डिजॉक्सिन और डिजिटॉक्सिन, मूत्रवर्धक दवाएं जैसे बेंड्रोफ्लुमेथियाज़ाइड, तपेदिक-रोधी दवाएं जैसे रिफैम्पिसिन और आइसोनियाज़िड, उच्च कोलेस्ट्रॉल की दवाएं जैसे ऑर्लिस्टैट और कोलेस्टाइरामाइन, फफूंदरोधी दवाएं जैसे केटोकोनाज़ोल और इट्राकोनाज़ोल तथा ग्लूकोकोर्टिकोस्टेरॉइड्स लेने से बचें। ये दवाएं कैल्शियम साइट्रेट मैलेट + विटामिन डी3 की सुरक्षा और प्रभावशीलता को प्रभावित कर सकती हैं।
इस दवा की अत्यधिक मात्रा लेने की स्थिति में तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
यदि आप कैल्शियम साइट्रेट मैलेट + विटामिन डी3 की एक खुराक लेना भूल जाते हैं, तो याद आते ही उसे ले लें। लेकिन, यदि अगली खुराक का समय नजदीक है, तो भूली हुई खुराक छोड़ दें और नियमित खुराक लेना जारी रखें।
इसे भोजन के साथ लें, बेहतर होगा कि दिन के मुख्य भोजन के साथ लें, ताकि गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल साइड इफेक्ट्स को कम किया जा सके। इसे डॉक्टर द्वारा सुझाई गई अवधि तक लेते रहें। यदि साइड इफेक्ट्स बिगड़ते हैं या बने रहते हैं, तो अपने डॉक्टर से सलाह लें।
कैल्शियम साइट्रेट मैलेट + विटामिन डी3 से ड्राइविंग के दौरान आवश्यक मानसिक सतर्कता या समन्वय पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है।
गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान खुराक के बारे में अपने डॉक्टर से सलाह लें।
हृदय की बीमारी और सार्कोइडोसिस (शरीर के कई अंगों को प्रभावित करने वाली सूजन संबंधी बीमारी) से पीड़ित मरीज़ों और विटामिन डी युक्त दवाएं लेने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
अपनी त्वचा को प्राकृतिक रूप से विटामिन डी बनाने में मदद करने के लिए नियमित रूप से कुछ समय धूप में बिताएं, सप्ताह में कुछ बार लगभग 10 से 30 मिनट तक।
वसायुक्त मछली, अंडे और मशरूम जैसे विटामिन डी से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन करें, साथ ही फोर्टिफाइड डेयरी उत्पादों का भी सेवन करें।
दूध, पत्तेदार सब्जियां और मेवे जैसे कैल्शियम से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन करें, क्योंकि विटामिन डी आपके शरीर को कैल्शियम अवशोषित करने में मदद करता है, जो मजबूत हड्डियों के लिए महत्वपूर्ण है।
कैफीन और शराब का अत्यधिक सेवन कैल्शियम के अवशोषण में बाधा डाल सकता है और कैल्शियम के उत्सर्जन को बढ़ा सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
नहीं, इस संयोजन से ब्लड शुगर स्तर नहीं बढ़ता है।
यह आदत उत्पन्न नहीं करता है और निर्देशानुसार उपयोग करने पर आमतौर पर सुरक्षित है।
यह बिना डॉक्टर की पर्ची के मिलने वाली दवा है। हालांकि, डॉक्टर से परामर्श लेने के बाद ही इसका उपयोग करना सबसे अच्छा है।
इस संयोजन का प्रजनन क्षमता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। हालांकि, यदि आप गर्भवती हैं या गर्भधारण करने की योजना बना रही हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेना हमेशा बेहतर होता है।
नहीं, मुंह का सूखना इस संयोजन से संबंधित आम समस्या नहीं है।
इस दवा का सेवन करते समय शराब से परहेज करने की सलाह दी जाती है, क्योंकि शराब इसके अवशोषण को प्रभावित कर सकती है और साइड इफेक्ट्स बढ़ा सकती है।
जी हां, इस संयोजन से दस्त हो सकते हैं। ऐसे मामलों में, पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ पीने और शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स (ऐसे मिनरल्स, जो हमारे शरीर में पानी में घुलकर काम करते हैं) की कमी को पूरा करने की सलाह दी जाती है। यदि दस्त की स्थिति बिगड़ जाए, तो कृपया अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
इस दवा को लेने का सबसे अच्छा समय आमतौर पर आपके डॉक्टर द्वारा निर्धारित किया जाता है। इसे अक्सर नियमित खुराक समय-सारणी के हिस्से के रूप में लेने की सलाह दी जाती है।
यह मांसपेशियों की ताकत बढ़ाने में योगदान दे सकता है और कमजोरी को दूर कर सकता है, खासकर जब कमजोरी विटामिन डी की कमी या हड्डियों से संबंधित समस्याओं जैसी स्थितियों से जुड़ी हो। विटामिन डी का पर्याप्त स्तर समग्र मांसपेशियों (पेशी) और हड्डियों (स्केलेटन) से संबंधित स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है, जिससे ताकत बढ़ती है और कमजोरी कम होती है।
यह नसों के समग्र स्वास्थ्य में सुधार करके और सूजन कम करके अप्रत्यक्ष रूप से नस दर्द को कम करने में योगदान दे सकता है। हालांकि, नस दर्द के लिए इसका उपयोग केवल डॉक्टर द्वारा सुझाए जाने पर ही किया जाना चाहिए।
गंभीर किडनी समस्याओं या किडनी की पथरी वाले व्यक्तियों के लिए इसकी सलाह नहीं दी जाती है। किडनी की बीमारी या क्षति वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
कैल्शियम साइट्रेट मैलेट + विटामिन डी3 का उपयोग कैल्शियम और विटामिन डी की कमी के इलाज के लिए किया जाता है। यह शरीर को कैल्शियम अधिक प्रभावी ढंग से अवशोषित करने में मदद करता है, जिससे हड्डियां और दांत मजबूत होते हैं। ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डियों की कमजोरी) जैसी स्थितियों में, गर्भावस्था के दौरान और मेनोपॉज़ (महिलाओं में मासिक धर्म स्थायी रूप से बंद होने की अवस्था) के बाद हड्डियों के स्वास्थ्य को बनाए रखने और फ्रैक्चर के जोखिम को कम करने के लिए इस संयोजन की आमतौर पर सलाह दी जाती है। यह हड्डियों के समग्र घनत्व को बनाए रखने और हड्डियों से संबंधित समस्याओं को रोकने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
अन्य सॉल्ट्स में उपलब्ध (कैल्शियम साइट्रेट मैलेट + विटामिन डी3)
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